गुरुवार, जून 18, 2009

कुछ चुभ रहा है..!


वो "हमें" चाहते हुए भी न जाने क्यों दूर जाना चाहती थी...
न जाने क्यों अपनी निगाहों से हटाना चाहती थी...
मिलती थी, बातें भी करती थी पर
अनजानों की तरह...
एक दिन गुमसुम अकेले रो रही थी...
मैं भी वहीं था...
मैंने पूछा क्या हुआ... क्यों रो रही हो?
उसने रोती हुई निगाहों से मेरी ओर देखकर कहा
कुछ नहीं! बस आँखों में कुछ चुभ रहा है..!

1 Responzes:

ओम आर्य ने कहा…

क्या बात कही है ...........सिर्फ चुभन है इसके सिवाय कुछ नहीं है ...इश्क इसी तरह का होता है

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