रविवार, जून 21, 2009

प्रेम पिता का...


A VERY VERY HAPPY FATHER's DAY TO ALL...!!!

प्रेम पिता का दिखाई नहीं देता
ईथर की तरह होता है
ज़रूर दिखाई देती होंगी नसीहतें
नुकीले पत्थरों-सी
दुनिया-भर के पिताओं की लम्बी कतार में
पता नहीं कौन-सा कितना करोड़वाँ नम्बर है मेरा
पर बच्चों के फूलोंवाले बग़ीचे की दुनिया में
तुम अव्वल हो पहली कतार में मेरे लिए
मुझे माफ़ करना मैं अपनी मूर्खता और प्रेम में समझा था
मेरी छाया के तले ही सुरक्षित रंग-बिरंगी दुनिया होगी तुम्हारी
अब जब तुम सचमुच की दुनिया में निकल गई हो
मैं ख़ुश हूँ सोचकर
कि मेरी भाषा के अहाते से परे है तुम्हारी परछाई..!!

4 Responzes:

‘नज़र’ ने कहा…

आपको पिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ...

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चाँद, बादल और शाम | गुलाबी कोंपलें

Udan Tashtari ने कहा…

पितृ दिवस की शुभकामना. बहुत सही कहा.

नितिन व्यास ने कहा…

विचार पसंद आये। आपको पिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

AlbelaKhatri.com ने कहा…

dhanya hai aapki rachna !
badhaai !

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